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किसी ने ख़ूब कहा है कि न ख़ुदा ही मिला न विसाले सनम, न इधर के रहे न उधर के रहे!

उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी और मुस्लिम लीडरशिप :- चार बार सरकार बनाने में अहम् भूमिका निभाने वाला M+Y फार्मूला कामयाब रहा लेकिन सपा सरकार में सबसे मजबूत होने वाली बिरादरी का नाम यादव है इसमें कोई संदेह नही है मुस्लिम को क्या मिला? किसी ने ख़ूब कहा है कि न ख़ुदा ही मिला न विसाले सनम, न इधर के रहे न उधर के रहे!! मतलब न ही तो मुस्लिम कौम को कोई मजबूती मिली और न ही मजबूत लीडरशिप!कुछ मुस्लिम नेताओं ने जोश में आकर अपनी राजनीतिक पार्टियां बनाई लेकिन आँखों देखी उनका वजूद ख़त्म होता रहा जैसे अंसारी परिवार ने 'कौमी एकता दल ', डॉ मसूद साहब +अरशद खान साहब ने नेशनल लोकतान्त्रिक पार्टी, डॉ अय्यूब साहब ने पीस पार्टी, हाजी याकूब साहब ने यू डी एफ जैसी और भी कई पार्टियां बनाई जिनको ख़तम करने में समाजवादी पार्टी ने अपनी 100%भूमिका निभाई और अब बारी है समाजवादी में मौजूद मुस्लिम लीडरशिप की आज़म खान, नसीम सोलंकी, नाहीद हसन, अंसारी परिवार को ना जाने कितने मुक़दमों से रूबरू होना पड़ा और अब न जाने कितने मुस्लिम विधायकों, पूर्व विधायकों को 2022 के चुनाव में टिकिट न देना मुरादाबाद से सीटिंग सांसद डॉ एस टी हसन की जगह सांसद रूचि वीरा को टिकिट देना, 2012 में वजूद में आयी 40-नौगांवा सदात विधानसभा से पहले विधायक अशफाक अली खान का 2017में विधायक रहते हुए टिकिट काटना और मौलाना जावेद आब्दी को लड़ाना और 2022में मौलाना का भी टिकिट काटकर मुस्लिम लीडरशिप को नौगांवा में ख़तम करते हुए 2022 में जाट नेता समरपाल सिंह को टिकिट देना और विधायक बनाना और आज रूचि वीरा और कमाल अख्तर की रार में कमाल अख्तर को विधानसभा में मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफ़ा दिलवाना ये सब उसी कड़ी का हिस्सा है जो समाजवादी पार्टी के संविधान लोहिया दर्शन में लिखा हुआ है जबकि ये सच है कि जिस दिन समाजवादी पार्टी में मौजूद मुस्लिम नेता नही होंगे समाजवादी पार्टी का वजूद ख़तम हो चुका होगा यदि समाजवादी पार्टी में मौजूद मुस्लिम नेता समय से नही जागे तो सबका अंजाम डॉ एस टी हसन और कमाल अख्तर जैसा होगा समाजवादी पार्टी अपने दिए हुए गिफ़्ट वापिस लेने में तनिक देर नही लगाएगी जैसा कमाल साहब के साथ हुआ है सपा में मौजूद मुस्लिम नेताओं से मेरा कहना है कि आपको सांसद, विधायक बनने के लिए मुस्लिम कौम थोक के भाव वोट करती है जिसका नतीजा आपके सामने है अब सोचना ये है कि दो रास्ते आपके सामने हैं एक ख़ुद को सपा के लिए पूरी तरह ख़तरे में डालकर, बेइज्जत होकर मिटा लो या ख़ुद की मजबूती, इज्जत और वकार के लिए एकजुट होकर सपा को समाप्त कर दो और ख़ुद के लिए काम करने वाले जॉबाज़ जंगजू बन जाओ और अपनी कयादत को मजबूत करो! ख़ुदा हाफिज! आपका भाई एडवोकेट साजिद अली चौधरी (अमरोहा )

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