बहरहाल नक़वी साहब का कहना है कि अमेरिकी खेमे में आपसी मतभेद इतना अधिक कभी नहीं था!
उन्होंने कहा कि योरोप के अग्रणी देश, इस लड़ाई को किसी भी कीमत पर सहमति देने को तैयार नहीं है और उन्होंने अमेरिका को सहयोग करने से भी साफ मना कर दिया है...
दूसरी तरफ खुद अमेरिका में इस युद्ध का बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है.
उन्होंने बिल क्लिंटन के एक ट्रम्प विरोधों इंटरव्यू के हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका और इसराइल की जनता
इस युद्ध को किसी भी कोमत पर रुकते हुए देखना चाहती है...
क्योंकि दोनों ही देश की अपने कारोबारी को नष्ट होते देख रही है ऊपर से शकून भी छिन गया है ...
नक़वी साहब ने अपने निष्कर्ष के पक्ष में बोलते हुए कहा कि अमेरिका युद्ध की तमाम छल कपट के बावजूद ईरानी की फौजी शक्ति और उसके मनोबल को तोड़ न पाने से इतना छुब्ध है कि वह बार बार समझौते की बातें कर रहा है लेकिन ईरान अब उसके झांसे में आने वाला नहीं ...!!!
सोर्स: FB

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