कानपुर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में शस्त्र लाइसेंस के लिए पहुंचे एक व्यक्ति को डीएम ने पहले गुटखा छोड़ने की नसीहत दी। मामला इतना दिलचस्प रहा कि डीएम ने आवेदक से कहा कि पहले गुटखा छोड़ने का प्रमाण लेकर आओ, फिर शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पर आगे की कार्रवाई होगी। डीएम ने आवेदक से कहा कि अपनी पत्नी, पिता और ग्राम प्रधान से प्रमाण पत्र लेकर आओ, जिससे यह साबित हो सके कि उसने गुटखा खाना छोड़ दिया है। इसके बाद ही उसके पिता के शस्त्र लाइसेंस को वरासत के आधार पर उसके नाम ट्रांसफर करने पर विचार किया जाएगा। दरअसल, आवेदक अपने पिता के शस्त्र लाइसेंस को वरासत के आधार पर अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में पहुंचा था। जब वह डीएम के सामने अपनी फरियाद लेकर पहुंचा तो उसके मुंह में गुटखा था और गुटखा खाने की वजह से उसे ठीक से बोलने में भी परेशानी हो रही थी। यह देखकर जिलाधिकारी ने पहले उसकी गुटखा खाने की आदत पर सवाल किया और उसे नशे से दूर रहने की सलाह दी। डीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जब गुटखा खाने की आदत नहीं छूट रही तो हथियार की क्या जरूरत है, आप तो एक पिक से चार लोगों को मार दोगे। डीएम की इस बात पर वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान जरूर आई, लेकिन संदेश बेहद गंभीर था। जिलाधिकारी ने आवेदक को समझाया कि गुटखा और तंबाकू जैसी आदतें स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं और इन्हें छोड़ना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि पहले वह गुटखा छोड़ने की आदत डाले और इसका प्रमाण भी लेकर आए। इसके लिए पत्नी, पिता और ग्राम प्रधान से प्रमाण पत्र लाने को कहा गया। प्रमाण मिलने के बाद ही शस्त्र लाइसेंस के वरासत संबंधी आवेदन पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यानी जनता दर्शन में जहां एक व्यक्ति अपने पिता के शस्त्र लाइसेंस को अपने नाम कराने पहुंचा था, वहीं डीएम ने उसे पहले गुटखा छोड़ने का प्रमाण लाने को कह दिया। अब आवेदक को पत्नी, पिता और ग्राम प्रधान से प्रमाण पत्र लेकर आना होगा, जिसके बाद उसके शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पर आगे की कार्रवाई होगी।
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Fb: श्याम तिवारी
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