एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा बहुत से सफेदपोश चेहरे बेनकाब होंगे पुलिस रोड़ा अटकाने से बाज आवे

   गौतमबुद्ध नगर के जांबाज पत्रकार समाज की पुकारसंजय भाटी जी, ने नोएड़ा पुलिस के भ्रष्ट उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों के लिए कही बड़ी बात।

"मेरी शिकायतें कुछ लोगों के विरुद्ध दिखाई देतीं हैं। लेकिन जब भी आरोपियों पर ईमानदारी से पुलिस कार्रवाई की जायेंगी तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा। बहुत से सफेदपोश चेहरे बेनकाब होंगे। पुलिस रोड़ा अटकाने से बाज आवे। ये मामला बहुत बड़े स्तर का है। मा. जनपद न्यायालय से मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद तक पहुंच गया है। भविष्य में मा. सर्वोच्च न्यायालय तक भी जाने की पूरी उम्मीदें हैं"। 

आपको बता दें कि नोएड़ा गौतमबद्धनगर पुलिस न्यूज़ वन इंडिया चैनल के उत्तर प्रदेश के विशेष पत्रकार निशांत शर्मा और उसके भाई उमेश शर्मा को लगातार सुरक्षा कवच दे रही है। क्योंकि उमेश शर्मा एक बड़े अखबार इण्डिया डायरेक्ट न्यूज़ का मालिक है। निशांत शर्मा अपने भाई के अखबार में संपादक और न्यूज़ वन इंडिया टीवी चैनल में उत्तर प्रदेश का विशेष पत्रकार और (नोएडा मीडिया क्लब) का सदस्य भी है। जिसके चलते नोएड़ा गौतमबद्धनगर की पुलिस स्वयं के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण बड़े अखबार और टीवी चैनल और `नोएड़ा मीडिया क्लब` के दबाव में लगातार दोनों भाईयों को प्रोटेक्शन देने का काम कर रही है। 

दूसरे विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भी इनके विरुद्ध दी गयी शिकायतों पर कार्रवाई करने से बचने के लिए पहले तो एडी चोटी के प्रयास करते हैं। लेकिन जब दिये गये तथ्यों की काट नहीं कर पाते हैं। तो फिर आधी-अधूरी कार्रवाई करके इतिश्री करने का प्रयास करते हैं। 

आपको बता दें कि कई थानों के द्वारा दोनों भाईयों के विरुद्ध माननीय न्यायालय गौतमबद्धनगर में नोएड़ा पुलिस के द्वारा FIR दर्ज ना करने के चलते दायर की गई। BNSS की धारा 173(4) की याचिकाओं में माननीय न्यायालय द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के मामले में भी पहले तो कई - कई तारीखों पर रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है। और जब रिपोर्ट भेजना मजबूरी बन जाता है तो गौतमबद्धनगर की पुलिस रिपोर्ट में ऐसे झूठे और अनावश्यक तथ्यों का प्रयोग करती है जो स्वयं आरोपियों से पुलिस की दुरभिसंधि और पुलिस के भ्रष्ट को प्रमाणित करते हैं। 

दूसरे IGRS पोर्टल पर भी नोएड़ा पुलिस आरोपियों की वकालत करने में खुद के भ्रष्ट होने के पुख्ता और लिखत साक्ष्य स्वयं ही उत्पन्न कर देती है।
तीसरा नोएड़ा गौतमबद्धनगर पुलिस का दोनों भाईयों के अपराधिक रिकार्ड व निशांत शर्मा की पिस्टल/रिवालवर के लाइसेंस के संबंध में मांगी गई RTI के मामलों में भी जबाब नहीं दे रही है। या फिर गलत जबाब दे देती है। 

जिस पर "संजय भाटी जी", ने नोएड़ा पुलिस की कार्यशैली को देखते हुए उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों को लिखत रुप से सलाह दी है कि नोएड़ा गौतमबद्धनगर की पुलिस के सभी भ्रष्ट उपनिरीक्षक और निरीक्षक इण्डिया डायरेक्ट न्यूज़ अखबार के मालिक उमेश शर्मा और उसके भाई निशांत शर्मा की वकालत करने के लिए न्यायालय में आ जाए। 

 संजय भाटी जी, ने कहा कि नोएड़ा गौतमबद्धनगर में पत्रकारिता का जो मॉडल वर्तमान में खड़ा है वो पुलिस के साथ भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डूबकी मार कर गलबहियां कर रहा है। 

जिसे पुलिस विभाग के उपनिरीक्षक और निरीक्षक आरोप- प्रत्यारोप और आपसी विवाद बताने का प्रयास कर रहा हैं। वास्तव में यह पुलिस प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के साम्राज्य में शामिल उनके क्षेत्रीय सहयोगियों और सफेद पोश अपराधियों की फेहरिस्त है। 

संजय भाटी जी, ने कहा कि मेरी किसी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। वास्तव में तो यह पत्रकारिता के लबादे में छिपे सफेद पोश अपराधियों को बेनकाब करने की कड़ी के तहत केवल एक मामला मात्र है। जिसे नोएड़ा पुलिस के भ्रष्टाचार में अकंठ डूबे उपनिरीक्षकों/निरीक्षकों और आरोपियों व उनके सहयोगियों के द्वारा जानबूझकर धीरे-धीरे व कदम दर कदम व्यक्ति विवाद के रुप में प्रचारित किया जाता है। 

संजय भाटी जी, ने कहा कि नोएड़ा पुलिस खुद ही अपने आप को इस मामले में उलझा रही है। जबकि मेरा इरादा पुलिस के खिलाफ जाने का बिल्कुल भी नहीं है। लेकिन भ्रष्टाचार में अकंठ डूबे उपनिरीक्षक और निरीक्षक मुझे बार-बार मजबूर कर देते हैं। जिसके चलते मुझे उनकी गैरकानूनी गतिविधियों की शिकायत मजबूरन करनी पडती हैं। वास्तव में तो मेरा उद्देशय देश की जनता के साथ पत्रकारिता के नाम पर हो रहे धोखे को उजागर करना मात्र है।

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