उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक की गोलियों से भूनकर हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को दबोच लिया। इस हत्या की साजिश पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी रहे मुनीर गैंग के करीबी हिस्ट्रीशीटर जुबैर ने रची थी।
हालांकि जुबैर खुद मौके पर मौजूद नहीं था। उसके दोनों शूटर भाईयों ने गोलियां चलाई थीं। पकड़े गए आरोपी ने दोनों को अपने घर में ठहराया था। साथ ही घटनास्थल के पास छोड़ने और वापस बॉर्डर क्रास कराने में सहयोग किया था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार साल 2018 में हुए शाहबेज हत्याकांड में जेल गए जुबैर को शिक्षक पर मुखबिरी करने का शक था। इसीलिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमीरनिशा रोड स्थित खयावान हिलाल (कोठी राधा वीडी) हसन मंजिल निवासी दानिश राव एएमयू के एबीके ब्याज हाईस्कूल में कंप्यूटर टीचर थे। 24 दिसंबर की रात को कैनेडी हॉल के पास स्कूटी पर आए नकाबपोश बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। पास आकर कहा था कि अब तू पहचानेगा मैं कौन हूं। मामले में दानिश के भाई डॉ. राव फराज वारिस ने मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि घटना के खुलासे के लिए थाना सिविल लाइन व क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग नगर की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था।

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