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आधिकारिक आंकड़े भी प्रस्तुत कर दें तो अभी दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा : परवेज अली खान

    (बेईमानी के 4 साल का उत्सव मना रही उत्तर प्रदेश सरकार)


                        Photo:- आप कार्यकर्ता

अलीगढ़ । आम आदमी पार्टी जिला अलीगढ़ कार्यालय पर जिलाध्यक्ष परवेज अली खान के द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने  अपने कार्यकाल के 4 वर्ष पूर्ण कर लिए है, लेकिन ये बेहद अफसोसजनक है कि पूर्ण बहुमत की सरकार द्वारा किये गए सामान्य कार्यों को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है जबकि वहीं दूसरी ओर वर्ष 2017 में भाजपा द्वारा पेश किया गया चुनावी घोषणा पत्र के एक तिहाई वायदे भी पूरे नहीं किये जा सके हैं। 

उन्होंने कहा कि अपने 4 वर्ष के कार्यकाल को सफलता के 4 वर्ष का नाम देने वाले मुख्यमंत्री यदि तथ्यों के साथ साथ किये गए कार्यों के आधिकारिक आंकड़े भी प्रस्तुत कर दें तो अभी दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा, उन्होंने आगे कहा कि आजादी के बाद सम्पूर्ण देश मे योगी सरकार ऐसी प्रथम सरकार है जो अपने निकम्मेपन का उत्सव मना रही है जबकि उसके 4 साल के शासन में किसान, बेरोजगार, आम आदमी बेहाल है. भ्रष्टाचार, बेईमानी के 4 साल का उत्सव मना रही उत्तर प्रदेश सरकार जनता से जुड़े हर मुद्दे पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

परवेज अली खान ने आगे कहा कि योगी सरकार के ये 4 साल जनता को जरूरी सुविधाओं को दिलाने में नाकामी के लिए जाने जायेंगे। इस सरकार ने 2017 में उत्तर प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने, किसानों की कर्ज माफी और किसानों की फसल का उचित मूल्य दिलाने की बात कही थी, आज पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर तक ज्यादातर किसान गन्ने की खेती करते हैं बावजूद इसके 4 साल में योगी सरकार ने एक भी रुपए दाम में बढ़ोतरी नहीं की। 

दूसरी तरफ गन्ना किसानों का हजारों करोड़ का बकाया चीनी मिलों पर है जिसको यह सरकार वापस गन्ना किसानों को दिलाने में नाकाम रही। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने में सरकार की नाकामी के चलते किसानों को अपनी फसल बिचौलियों को हाथ बेचने को मजबूर होना पड़ा। कर्ज माफी का वादा करने वाली इस सरकार के राज में सैकंडो किसानों को कर्ज के चलते आत्महत्या करनी पड़ी।

रोजगार के मुद्दे पर सरकार ने जितनी भी वैकेंसी अपने 4 साल के कार्यकाल में निकाली उसकी गलत नीतियों, भर्तियों में भ्रष्टाचार, आरक्षण की प्रक्रिया ठीक ढंग से पूरा न करने आदि के कारण सभी नियुक्तियां या तो हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है या फिर उसकी जांच हो रही है। इन नियुक्तियों में एक भी व्यक्ति को रोजगार नहीं मिला। 

दूसरी तरफ सरकारी विभागों में लाखों की संख्या में पद रिक्त हैं। योगी आदित्यनाथ की सरकार 4 साल में खाली पदों को भरने में नाकाम रही और जब इस मांग को लेकर उत्तर प्रदेश का नौजवान आंदोलन करता है तो उसे लाठियां खानी पड़ती हैं।

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