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अमुवि छात्रों का एक शिष्ठ मंडल सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचाl

 

अलीगढ़ /अमुवि छात्रों का एक शिष्ठ मंडल आमिर मिनटोई के नेतृत्व में सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचाl  किसान आंदोलन में अमूवी छात्रों का किसानों ने खुले मन से स्वागत किया और धन्यवाद व्यक्त करते हुए अमूवी छात्रों की हर लड़ाई में छात्रों का साथ देने का वादा किया। 

 छात्रों ने सिंघु बॉर्डर पर अलग-अलग जगह से आए किसानों और किसान संगठनों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और मौजूदा सरकार की नीतियों पर गहन मंथन करते हुए इस लड़ाई को मजलूम बनाम जालिम की लड़ाई बताया और आगे इस लड़ाई को मजबूत करने पर विचार विमर्श कियाl  छात्रों का कहना था कि जनतंत्र मैं सरकार आवाम से भी होती है और अवाम के लिए भी होती है लेकिन यह सरकार आवाम पर अपने फैसले आवाम की मर्जी के बिना थोप रही है जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकताl  किसानों पर किसानों से राय लिए बगैर कोई भी फैसला थोपना असंवैधानिक है और मानवता के मूलभूत विचारों का भी उल्लंघन करता है अगर सरकार हकीकत में किसानों का भला चाहती है तो उसे किसानों के साथ बैठकर किसानों की मर्जी से और उनकी मंशा से कानून बनाना चाहिए जिसमें किसानों की मर्जी भी हो और खुशी भीl 

छात्र दल का नेतृत्व कर रहे आमिर मिंटूई को पंजाब गुरिद्वारा कमेटी के जिम्मेदार कीर्तन/अरदास के दौरान सरदार हरजीत सिंह की कमेटी द्वारा सरोपा साहिब(गले मैं डालने और सर पर बांधने वाला सुर्ख कप्ढ़ा) से सम्मानित करके खैरमकदम किया!!

अमूवी छात्रों ने किसान आंदोलन में चल रहे लंगर में खाना खिला कर संघर्षरत किसानों की सेवा भी की।

 आमिर मिनटोई ने कहा कि यह सरकार जब जवानों के लिए पेंशन योजना लाती है तो जवानों से पूछे बिना लाती है, जब मुसलमानों के लिए कानून लाती है तो मुसलमानों से पूछे बिना लाती है, जब किसानों के लिए कानून लाती है तो किसानों से पूछे बिना लाती है, इस सब का मतलब बिल्कुल साफ है कि सरकार तानाशाही रवैया में विलीन है और सिर्फ अपनी मंशा दूसरों पर थोपना जानती है। किसी की भी मर्जी जानना या उसकी सहमति से उसकी खुशहाली के लिए काम करना नहीं चाहतीl  आमिर मिनटोई ने आगे कहा कि इस रवैया से सरकार का ही सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है और वह यह की सरकार आम नागरिक का भरोसा खोती जा रही है और जब कोई भी सरकार आम नागरिक का भरोसा खो देती है तो आम आवाम उस सरकार के खिलाफ सड़कों पर भी निकलती है और इलेक्शन में जनमत की लाठी भी उस सरकार के सर पर दे मारती है lhttps://twitter.com/MAmintoee/status/1337964472804118528?s=19

 एमए  धर्मशास्त्र के छात्र सलमान गोरी ने कहा कि हम किसान के ही बेटे हैं और किसान का बेटा होने के नाते हमारा यह फर्ज है कि अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे किसानों का हम साथ दें तो हम किसानों के साथ हैं और जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं हो जाती यह किसान आंदोलन चलता रहेगा और छात्र इस किसान आंदोलन को मजबूती देता रहेगाl

 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय मैं इतिहास की पढ़ाई कर रहे पारस ने  कहा की किसानों पर थोपा गया तानाशाही कानून  को पूर्ण रूप से वापस लेना होगा और हम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र देश के किसानों के साथ कंधे से कंधा लगाए हमेशा खड़े रहेंगे।


इस दौरान सरबजीत सिंह अधिवक्ता ,हरप्रीत कौर,सुखबीर सिंह,अन्तरप्रीत सिंह,अमनदीप सिंह,इमरान खान,मखदूम,सलमान,पारस आदी मौजूद रहे।

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