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आरडीए के पूर्व जनरल सेक्रेट्री डा0 नदीम जीलानी आनलाइन समारोह में मानचेस्टर (यूके) से सम्मिलित हुए जब कि आरडीए अध्यक्ष डा0 हम्जा मलिक ने वर्तमान विषयों पर चर्चा की।

 
अलीगढ़ / अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के “रेजीडेंट्स डाक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) परिसर“ का कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया। इसके साथ ही कुलपति महोदय ने अर्थशास्त्र विभाग के एक लैब तथा विश्वविद्यालय के बीबी फातिमा हाल के प्रोवोस्ट कार्यालय का भी उद्घाटन किया।
आरडीए परिसर का उद्घाटन करते हुए प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि इससे रेजीडेंट डाक्टरों को बेहतर सुविधायें उपलब्ध होंगी। उन्होंने कोविड-19 महामारी के विरूद्ध लड़ाई में तथा बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यो में रेजीडेंट डाक्टरों की सेवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आरडीए की टीमों ने उत्तराखण्ड, केरल तथा जम्मू कश्मीर में कामयाब मेडीकल कैम्प लगाये हैं और कोविड महामारी के विरूद्ध लड़ाई में रेजीडेंट्स डाक्टर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज का वायरोलोजी लैब, कोविड महामारी के प्रारंभ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला लैब था जहाॅ कोविड के नमूनों की जाॅच हो रही थी। उन्होंने जेएनएमसी में आइसोलेशन वार्ड तथा प्लाजमा थेरेपी सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला। प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि जेएनएमसी में 70 हजार से अधिक कोविड नमूनों की अब तक जाॅच हो चुकी है तथा जल्द ही इसे बढ़ाकर 2000 नमूने प्रतिदिन किया जायेगा।
जेएनएमसी के प्रिंसपिल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि आरडीए का नवीनीकृत परिसर आधिुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है तथा यहाॅ और अधिक सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी।
प्रोफेसर हारिस एम खान ने कहा कि इस बात को सुनिश्चित करना आवश्यक है कि रेजीडेंट डाक्टर न केवल एक सुरक्षित वातावरण में काम करें बल्कि उन्हें बेहतर सुविधायें भी उपलब्ध हों।
प्रोफेसर अमजद अली रिज्वी, प्रोफेसर मुजाहिद बेग तथा डा0 जिया सिद्दीकी ने इस अवसर पर आरडीए के इतिहास पर प्रकाश डाला तथा रेजीडेंट्स डाक्टरों की सुरक्षा एवं डाक्टर-मरीज के संबंधों के महत्व पर भी चर्चा की।
आरडीए के पूर्व जनरल सेक्रेट्री डा0 नदीम जीलानी आनलाइन समारोह में मानचेस्टर (यूके) से सम्मिलित हुए जब कि आरडीए अध्यक्ष डा0 हम्जा मलिक ने वर्तमान विषयों पर चर्चा की।
आरडीए के उपाध्यक्ष डा0 शाहनवाज इकबाली तथा कोषाध्यक्ष डा0 सौरभ पाठक ने आरडीए परिसर के नवीनीकरण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किये।
महासचिव डा0 एम काशिफ ने उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन आरडीए संयुक्त सचिव डा0 ताजीन शमशाद ने किया।
इस बीच विश्वविद्यालय के बीबी फातिमा हाल के नये प्रोवोस्ट कार्यालय का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि बीबी फातिमा हाल में प्रोवोस्ट कार्यालय की काफी दिनों से आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि यहाॅ छात्राओं के लिए एक नया बाॅस्केटबाल कोर्ट भी बनाया गया है। कुलपति ने कहा कि जिन सुविधाओं की आवश्यकता होगी उन्हें अवश्य उपलब्ध कराया जायेगा ताकि छात्राओं का विकास और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
इससे पूर्व प्रोवोस्ट प्रोफेसर गजाला परवीन ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम का संचालन डा0 कहकशां फातिमा ने किया तथा सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रोफेसर तारिक मंसूर ने इसके साथ ही अर्थशास्त्र विभाग के विशेष लैब का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने हमें यह अवसर प्रदान किया है कि हम नई परिस्थितियों में पढ़ने-पढ़ाने के लिए नई टेक्नालोजी का उपयोग करना सीखें। उन्होंने कहा कि आनलाइन टीचिंग-लर्निंग नये समय की माॅग है तथा शिक्षकों और छात्रों दोनों को डिजीटल टेक्नालोजी कोे सीखना होगा।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सैयद नौमान अहमद ने वर्चुअल उद्घाटन समारोह के प्रतिभागियांे का स्वागत किया जब कि फैकल्टी आॅफ सोशल साइंसेज के डीन प्रोफेसर निसार अहमद खान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र ने कोविड-19 महामारी के समय में नई टैक्नालोजी को अपनाया है तथा विभाग में स्थापित किया गया नया लैब आनलाइन टीचिंग एवं संबंधित गतिविधियों के लिए लाभकारी होगा। कार्यक्रम का संचालन डा0 शीरीं रईस ने किया।

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