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बुलन्दशहर पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिया गया मुरारी लंबे समय से भांग के नशे का आदि है



बुलंदशहर. महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की मॉब लिंचिंग के बाद अब उत्तर प्रदेश में साधुओं की हत्या की वारदात सामने आई है। बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली के पगोना गांव में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं पर धारदार हथियार से वार किया गया है। पुलिस की प्रथम जांच में इस हत्या में गांव के ही नशेड़ी युवक मुरारी का नाम सामने आया है जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
घटना के बाद बुलंदशहर एसएसपी समेत पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की बारीकी से जांच कर रही हे। बुलन्दशहर पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिया गया मुरारी लंबे समय से भांग के नशे का आदि है और आरोपी पर दो दिन पहले बाबा का चिमटा चुराने का भी आरोप लगा था। आरोप है कि इसी बात को लेकर मृतक साधुओं और आरोपी मुरारी के बीच कहासुनी हो गई थी जिसमें आरोपी मुरारी ने दोनों साधुओं को भुगत लेने की धमकी भी दी थी।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी पुलिस हिरासत में है और आरोपी अभी भी नशे की हालत में है। फिलहाल दोनों संतो के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जबकि घटना स्थल की फॉरेन्सिक जांच भी कराई जा चुकी है। बुलंदशहर पुलिस के आला अधिकारी आरोपी मुरारी से पूछताछ में जुटे हैं।
चिमटे को लेकर हुआ था विवाद
बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कुछ दिन पहले आरोपी ने साधुओं के एक सामान (चिमटा) को छीन लिया था, जिसके बाद साधुओं ने उसे डांटा था। इससे नाराज होकर आरोपी ने दोनों साधुओं की हत्या कर दी। मामले की जांच की जा रही है।
इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में 16-17 अप्रैल की दरमियानी रात दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों ने चोर के शक में तीनों की पिटाई की थी. इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने थे। इस मामले में 100 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए थे।

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