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पत्रकारिता की आड़ में पैसा देकर प्रेस कार्ड बनवाकर हो रहा है धन उगाही का धंधा कई समाचार पत्र पत्रिकाएं तथा वेब न्यूज़ चैनल भी है लिप्त : :


                               Photo :Google
उत्तर प्रदेश सहित समस्त देश के पत्रकार बंधुओं से अपील है कि सशक्त मीडिया भ्रष्टाचार मुक्त भारत सशक्त मीडिया समृद्ध भारत के नवनिर्माण एवं पत्रकारिता की अभिव्यक्ति की आजादी के लिए संगठित होकर जुझारू कर्मठ संघर्षशील पत्रकार बंधुओं को संगठित करने के अभियान में लग जाए जैसा कि मैं आपको बताना चाहूंगा कि आज देश प्रदेश के अंदर कुछ ऐसे समाचार पत्र पत्रिकाएं एवं न्यूज़ चैनल चलाए जा रहे हैं जो लोग सिर्फ धन कमाने की योजना बनाकर कार्य कर रहे हैं और लाई की तरह प्रेस कार्ड को बांट रहे हैं प्रेस कार्ड बनाने के नाम पर ढाई हजार से लेकर 5000 तक अपना सुविधा शुल्क लेने का काम करते हैं किसी को ब्यूरो चीफ बनाना है वे लोग 10,000 से लेकर 25 हजार तक का डिमांड करते है  ऐसे बहुत सारे मामले आ रहे हैं यह धन उगाही करने वाले लोगों के पास न कोई संगठन है न कोई संस्था है यह पत्रकारिता के क्षेत्र में जुड़कर पत्रकारिता की गरिमा को घटा रहे हैं अनपढ़ लोगों को पत्रकार भी बना रहे हैं जिनको कोई ज्ञान नहीं है और वे लोग प्रेस कार्ड  दिखाकर तमाम पुलिस स्टेशनों में जाकर अपना रुतबा भी दिखाने का काम करते हैं सरकारी कामकाज में बाधा भी उत्पन्न करते हैं मीडिया जगत को एवं पुलिस विभाग को बदनाम भी कर रहे हैं किसी की गाड़ी पकड़ाई तो उसको छुड़ाने के नाम पर भी धन उगाही करते हैं यह लोग किसी भी शराब ठेका बालू खनन के स्थान   पर पहुंचते हैं और वहां भी वीडियो बना कर शराब बेचने वाले व बालू खनन करने वाले लोगों को वीडियो दिखा कर कहते हैं कि अगर मैं इसे चला दूंगा तो आपका मान-सम्मान खतरे में पड़ जाएगा और आप बताइए क्या करना है ऐसी स्थिति में यह धन उगाही का भी काम करते हैं ऐसी कई पटना वाराणसी में भी हुई है  वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को मारा पीटा भी गया यह भी मामला जगजाहिर हुआ है
अगर आप सभी पत्रकार साथी जो इमानदारी से पत्रकारिता करते हैं जो पत्रकारिता की गरिमा को समझते हैं जो पत्रकारिता के उद्देश्यों को समझते हैं अगर ऐसे लोग संगठित नहीं होंगे यह जो फिरका परस्त फर्जीवाड़ा का धंधा करने वाले फर्जी पत्रकार बनकर घूम रहे हैं शोषित पीड़ित गरीबों का शोषण कर रहे हैं जिनके कारण तमाम इमानदार कर्मठ एवं संघर्षशील पत्रकारों का उत्पीड़न हो रहा है यह बंद नहीं होगा इसलिए हम सभी को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है / लेखक : समाचार पत्र के पत्रकार हैं 

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