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मनीष गुप्ता की पुलिसिया हत्या योगी की ठोक दो नीति का परिणाम- रिहाई मंच

 


          मनीष गुप्ता की हत्या के लिए योगी जिम्मेदार- राजीव यादव


                                  Photo:- राजीव यादव

लखनऊ । रिहाई मंच ने कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की गोखपुर में पुलिस द्वारा पीट-पीटकर की गई हत्या की निंदा करते हुए इसे मुख्यमंत्री योगी की ठोक दो की नीति से बढ़े हुए मनोबल का परिणाम बताया।


रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने मनीष गुप्ता की पोस्ट मार्टेम सम्बंधी मीडिया रिपोर्टों पर, जिसमें कहा गया है कि मनीष की मृत्यु गंभीर रूप से घायल होने के केवल 15 मिनट बाद ही हो गई थी, पर टिप्पणी करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ की ‘ठोक दो’ की गैर कानूनी छूट ने प्रदेश पुलिस को बर्बर हत्यारी फोर्स में बदल दिया है। इस आपराधिक नीति को मोदी भी प्रोत्साहित करते रहे हैं। गुजरात मॉडल की वाहवाही करने वाले मनीष गुप्ता की हत्या पर चुप क्यों हैं।


योगी आदित्यनाथ ने मनीष की उनके अपने ही गृह जनपद गोरखपुर में पुलिस द्वारा की गयी हत्या से उपजे दबाव के बाद दोषी पुलिस अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।


राजीव यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की अपराध मुक्त प्रदेश के नाम पर ठोक दो नीति के चलते सैकड़ो फर्जी इनकाउंटर पुलिस ने किए हैं। इनमें से कई मामलों में उच्च न्यायालय ने सरकार और पुलिस प्रशासन को नोटिस की है। सुप्रीम कोर्ट में भी मामला लंबित है। इन घटनाओं की सूची स्वतः उत्तर प्रदेश शासन के पास मौजूद है। चिन्हीकरण प्रक्रिया में जाने से पहले इस सूची के आधार पर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देनी चाहिए। पर योगी सरकार ऐसे दोषी पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करती है, पुरस्कृत करती है, सम्मानित करती है।


राजीव यादव ने मनीष के हत्यारे पुलिस वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल किया कि आखिर किसी विवेक तिवारी या मनीष  गुप्ता के साथ क्रूरता पर ही मुख्यमंत्री को पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का विचार क्यों आता है।


सरकार की दोहरी और भेदभावपूर्ण नीतियों का उल्लेख करते हुए राजीव यादव ने कहा कि कानपुर के विकास दूबे को एक हाई वोल्टेज ड्रामा में फर्जी इनकाउंटर कर मार दिया जाता है तो मुख्यमंत्री समेत पूरा प्रशासन इसे सही ठहराने के लिए सामने आ जाता है और अपराध मुक्त प्रदेश का नारा गूंजने लगता है। लेकनि जब सत्ता पोषित गुंडे, इंसपेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर देते हैं तो कानून, संविधान को धता बताते हुए पूरा सरकारी तंत्र उन गुंडों के पक्ष में खड़ा नज़र आता है। पुलिस वालों ने जिस क्रूरता से मनीष की हत्या की उनके घरों पर कब बुलडोजर चलवाएंगे योगी। आखिर अब तो उनके गृह जनपद का मामला है।


उन्होंने कहा कि गुंडे वर्दीधारी हों या बिना वर्दी के सरकार अपनी साम्प्रदायिक और विभाजनकारी नीतियों को बेशर्मी से लागू करती रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अब से सदबुद्धि से काम करे दागी पुलिस अधिकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया के नाम पर अपनी साम्प्रदायिक, जातीय विभाजनकारी नीतयों पर अमल करने से बचे।


द्वारा-

राजीव यादव

महासचिव, रिहाई मंच

9452800752

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