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बच्चे को टीकाकरण के समय जरूर पिलाएं विटामिन ए, कोरोना से लड़ने में मिलेगी मदद

 

अलीगढ़ । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद उपाध्याय का मानना है कि विटामिन ए पिलाने से बच्चों में संक्रमण की आशंका काफी कम हो जाती है क्योंकि इससे इम्यूनिटी बढ़ती है। इसलिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह में नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक अवश्य दें।


जिले के मुताबिक बाल स्वास्थ्य पोषण माह में बच्चों को संक्रमण के चलते विटामिन ए की खुराक पिलाने के लिए 4 लाख 73,423 का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 9 से 12 माह के 27598, 1 वर्ष से 2 वर्ष 118916, 02 से 05 वर्ष के 326909 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने के लिए लक्ष्य को निर्धारित किया गया है ।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एमके माथुर ने बताया कहा यह पोषण माह जून माह को शुरू किया जाता है लेकिन कोविड के चलते पोषण माह 28 जुलाई से शुरू किया गया। यह पोषण माह 28 जुलाई से 27 अगस्त तक चलेगा ।

 उन्होंने बताया कि सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र एवं शहरी क्षेत्र के अर्बन पीएचसी व नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व आर आई सैशन पर बच्चों को विटामिन ए की सुविधा उपलब्ध करा दी जा चुकी है । 


डॉक्टर एमके माथुर ने बताया कि बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने से शरीर की एपिथीलियल लेयर मजबूत होती है। यह परत हर बच्चे के रेसपाइरेट्री ट्रैक यानि श्वसन तंत्र में भी होती है। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे के रिसपैरेट्री ट्रैक की एपिथीलियल लेयर मजबूत रहेगी, तो वायरस कोविड-19 भी इस परत को अतिक्रमित करने में असहाय महसूस करेगा। साथ ही इस वायरस के श्वसन तंत्र से भीतर जाने की गुंजाइश भी काफी कम हो जाती है।


उन्होंने बताया कि कोविड की संभावित तीसरी लहर से बचने के लिए हम सभी को अपनी और अपने बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनाए रखने की आवश्यकता है। इसके लिए विटामिन ए काफी मददगार साबित हो सकता है। यह वसा में घुलनशील विटामिन है और यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है। सीएनएनएस.... के वर्ष 2016-18 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक से चार वर्ष तक के 16.9 प्रतिशत बच्चे विटामिन ए की कमी से ग्रस्त हैं।      


विटामिन ए की कमी से नुकसान 


एनीमिया रोग, रोग प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होना, आंखों की रोशनी काम होना, अंधापन होना, आंखों में आंसू न बनना, रूखी त्वचा हो जाना और मुंह में छाले, दस्त जैसी समस्या होना। 


क्या है योजना


बाल स्वास्थ्य पोषण माह हर वर्ष जून और दिसंबर में मनाया जाता है। इस दौरान अभियान चलाकर नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों विटामिन ए की खुराक दी जाती है। नौ माह से 12 माह तक बच्चों को नियमित टीकाकरण के दौरान एमआर के प्रथम टीके के साथ एक मिलीलीटर (एमएल) विटामिन ए की खुराक पिलाई जाती है। जबकि 16 माह से 24 माह के बच्चों को एमआर के दूसरे टीके के साथ दो एमएल देनी होती है। हर छह माह पर बाल स्वास्थ्य पोषण माह के दौरान दो वर्ष से पांच वर्ष तक की आबादी को दो एमएल पिलाई जाती है।


कोविड प्रोटोकाल में चलेगा अभियान 


बाल स्वास्थ्य पोषण माह 28 जुलाई से शुरू हो चुका है। इस अभियान के दौरान आशा / स्वास्थ्य कार्यकर्ता को नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभियान के दौरान सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सैनेटाइज़र, मास्क और दो गज की दूरी के साथ कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

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