युद्ध का तरीका अब पूरी तरह बदल गया है। ड्रोन और मिसाइल आने के बाद फाइटर प्लेन की अहमियत कम हो गई है। अब वही देश ज्यादा सुरक्षित है जिसका डिफेंस सिस्टम मजबूत और तेज है। अगर डिफेंस सिस्टम बहुत अच्छा है, तो दुश्मन के फाइटर प्लेन सही से उड़ भी नहीं पाएंगे।
पहले युद्ध सैनिकों की संख्या, टैंक और तोपों पर निर्भर होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब एक सैनिक भी ड्रोन की मदद से छिपकर पूरी बटालियन को नुकसान पहुंचा सकता है।
आज के समय में जिसकी निगरानी (surveillance) तकनीक ज्यादा तेज और आधुनिक है, जीत उसी की होती है। आने वाले समय में AI, रोबोटिक्स और ड्रोन युद्ध में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे।
इसलिए धीरे-धीरे टैंक, फाइटर प्लेन और बड़े युद्धपोतों की अहमियत कम होती जा रही है।
सोर्स : FB

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